आयी बागो में बहार
ठंडी ठंडी पड़े फुहार
सावन मेरा ये बेकार
क्योंकि पति मेरा बीमार
मद मस्त पवन जब आये
वो हाय हाय चिल्लाये
झेल रहा कैंसर की मार
क्योंकि पति --------------
बारिश में भीग के जाऊँ
और दवाइयाँ ले आऊँ
बूंदे भाये ना इस बार
क्योंकि पति ---------------
वहां बाग़ में भवंरे गायें
यहां मक्खी घाव पे आये
मक्खी उड़ा रही हर बार
क्योंकि पति ---------------
हर कली फूल मुस्काये
मेरा चेहरा पर मुरझाये
बेरंगा बसन्त त्यौहार
क्योंकि पति ----------------
कोयल गाये तू काहे
जब सजना मेरा कराहे
कुह कुह दर्द के छेड़े तार
क्योंकि पति ----------------
मेरे घर अँधियारा छाया
जुगनू ना कम कर पाया
जुगनू की कम है चमकार
क्योंकि पति ----------------
शालिनी शर्मा
ठंडी ठंडी पड़े फुहार
सावन मेरा ये बेकार
क्योंकि पति मेरा बीमार
मद मस्त पवन जब आये
वो हाय हाय चिल्लाये
झेल रहा कैंसर की मार
क्योंकि पति --------------
बारिश में भीग के जाऊँ
और दवाइयाँ ले आऊँ
बूंदे भाये ना इस बार
क्योंकि पति ---------------
वहां बाग़ में भवंरे गायें
यहां मक्खी घाव पे आये
मक्खी उड़ा रही हर बार
क्योंकि पति ---------------
हर कली फूल मुस्काये
मेरा चेहरा पर मुरझाये
बेरंगा बसन्त त्यौहार
क्योंकि पति ----------------
कोयल गाये तू काहे
जब सजना मेरा कराहे
कुह कुह दर्द के छेड़े तार
क्योंकि पति ----------------
मेरे घर अँधियारा छाया
जुगनू ना कम कर पाया
जुगनू की कम है चमकार
क्योंकि पति ----------------
शालिनी शर्मा
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