गीत
मेरा अन्तिम सफर शुरू होने को है
सब आये मगर ना आया है तू
अर्थी कांधे उठा ली है सबने मेरी
रुकना चाँहू भी तो मैं कैसे रुकूँ
सब आये मगर ना ------------------
मेरे प्यार की कदर तूने जानी नही
सबने कहा बेवफा मैंने मानी नही
अब हकीकत समझ मैं कैसे सम्भलूँ
सब आये मगर ना -------------------
-तुझको इल्जाम देने से क्या फायदा
मेरे प्यार की कदर तूने जानी नही
सबने कहा बेवफा मैंने मानी नही
अब हकीकत समझ मैं कैसे सम्भलूँ
सब आये मगर ना -------------------
-तुझको इल्जाम देने से क्या फायदा
तुझको पता ही नही उल्फत का कायदा
पर तेरी बेरुखी मैं कैसे सहूँ
सब आये मगर ना -------------------
तू रूसवा ना हो बस दुआ है यही
मैं तेरी आरजू ले जहां से चली
तू खुश रह रहूँ मैं रहूं ना रहूं
सब आये मगर ना --------------------
मेरा जनाजा है तेरे घर के आगे अभी
मुझको अन्तिम विदाई दे ना मिलूंगी कभी
आ द्वारे पे आ मैं कैसे कहूँ
सब आये मगर ना ------------------
शालिनी शर्मा
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