गीत
कोई ऐसा मिले जो संवारे मुझे
प्यार आँखों में भर कर निहारे मुझे
मेरी चाहत है क्या कैसे मैं खुश रहूं
हर ख़ुशी देके मुझको निखारे मुझे
हो हवाओं में जब प्यार की रागिनी
मुझको ऐसा लगे के पुकारे मुझे
देखूं जो उसको तो मुझको ऐसा लगे
दे गया जैसे सब चाँद तारे मुझे
परियों की नगरी सा उसका घर हो सजा
खूबसूरत दिखाये नजारे मुझे
पालकी लेके जाते कहारों से कह दो
आँगन में उसके उतारे मुझे
शालिनी शर्मा
कोई ऐसा मिले जो संवारे मुझे
प्यार आँखों में भर कर निहारे मुझे
मेरी चाहत है क्या कैसे मैं खुश रहूं
हर ख़ुशी देके मुझको निखारे मुझे
हो हवाओं में जब प्यार की रागिनी
मुझको ऐसा लगे के पुकारे मुझे
देखूं जो उसको तो मुझको ऐसा लगे
दे गया जैसे सब चाँद तारे मुझे
परियों की नगरी सा उसका घर हो सजा
खूबसूरत दिखाये नजारे मुझे
पालकी लेके जाते कहारों से कह दो
आँगन में उसके उतारे मुझे
शालिनी शर्मा
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